शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2020

मन, वचन और शरीर से बुरे कर्म क्या है विशुद्ध मनुस्मृति के अनुसार|

Hi Beautiful & Peaceful Souls,

विशुद्ध मनुस्मृति के अनुसार मन, वचन और शरीर से किया जाने वाले अशुभ फल देने वाले कर्म इस प्रकार है| 

परद्रव्येष्वभिध्यान मनसानिष्टचिन्तनम् |

वितथाभिनिवेशश्च त्रिविधं कर्म मानसम् ||

१. मानसिक बुरे कर्म- किसी के बारे में बुरा सोचना, किसी और की सम्पति को अपने अधीन करने का विचार करना और मिथ्या विचार करना और उसको सत्य मानना | 

पारुष्यमनृतं चैव पैशुन्यं चापि सर्वशः |

असंबद्धप्रलापश्च वाडमयं स्याच्चतुविर्धम् ||

२. वाचिक बुरे कर्म- झूठ बोलना, कड़वे बोल बोलना जो दुसरो को चोट करे, किसी की चुगली करना और किसी की बुराई, अफवाह और लांछन लगाना| 

अदतानामुपादानं हिसा चैवाविधानतः |

परदारोपसेवा च शारीरं त्रिविधं स्मृतम् ||  

३. शारीरिक बुरे कर्म- किसी के धन की चोरी करना, रिश्वत लेना, व्यर्थ की हिंसा करना और पर स्त्री पर बुरी दृष्टि रखना | 

यह सब बुरे कर्म रजोगुण और तमोगुण की अधिकता के कारण होते है इसलिए हमे हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए और सत्वगुण एकत्रित करना चाहिए जिससे हम सत्वगुणी बन सके| 

~~ विशुद्ध  मनुस्मृति 


Your's Sincerely

Purnima Ghai


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